सरकार अगली जनगणना में ओबीसी data कलेक्ट कर संसद में प्रस्तुत करने के प्रस्ताव पर विचार कर रही हैI अगली जनगणना 2021 में होने वाली है.जनगणना ...
सरकार अगली जनगणना में ओबीसी data कलेक्ट कर संसद में प्रस्तुत करने के प्रस्ताव पर विचार कर रही हैI अगली जनगणना 2021 में होने वाली है.जनगणना के आंकड़े जारी करने की मांग को लेकर नेताओं की ओर से मांग की जा रही है.
जिस पर अब मोदी सरकार एक बड़ा फैसला ले सकती है जिसका रिजल्ट अगली जनगणना में आपको देखने को मिलेगा. जानकारी के मुताबिक इस फैसले के जरिए मोदी सरकार 2019 में होने वाले चुनाव में ओबीसी वोटर को अपनी ओर आकर्षित करने का प्रयास कर रही है. न्यूज के अनुसार मिली जानकारी के मुताबिक मोदी सरकार ने जनगणना के आंकड़ों को पूरी तरीके से जारी करने का समय 5 साल पहले से घटाकर 3 साल कर दिया है. इससे पहले कभी भी जनगणना मैं OBC डाटा इकट्ठा नहीं हुआ था.
लालू प्रसाद यादव से लेकर तमाम ओबीसी नेता इसकी मांग काफी लंबे समय से कर रहे थे जिसे मोदी सरकार ने उसे पूरा करने का सोचा है. संसद में थोड़े अंतराल पर ऐसी मांगे होती रहती है,उसके अनुसार 3 साल में ही पूरा डाटा सामने आ सकता है. यही नहीं सरकार ने 2021 की जनगणना में घरों की जियो टैगिंग का भी प्रस्ताव रखा है.
संसद की मीटिंग में मौजूद थे यह लोग-
गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को सेंसस कमिश्नर और ऑफिस ऑफ रजिस्ट्रार जनरल के काम की भी समीक्षा करते हुए उन्हें बधाई दी. इस दौरान केंद्रीय गृह राज्यमंत्री किरेन रिजिजू भी मौजूद थे. और होम सेक्रेटरी राजीव गाबा और मंत्रालय के अन्य सीनियर अधिकारी भी इस दौरान संसद में मौजूद थे.
और इसी दौरान SC ST एक्ट के प्रति बढ़ते विरोध के कारण राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष डॉक्टर रामशंकर कठेरिया ने भी कहा है,कि इस एक्ट में कोई बदलाव नहीं किया गया है,और ना ही होगा. और जो एक्ट पूर्व में था वह तो उसी स्थिति में लागू किया गया है.इसी बीच विरोधी पार्टी इस मौके का फायदा उठाकर दुष्प्रचार कर संपूर्ण वर्ग को गुमराह कर रही है.
जिस पर अब मोदी सरकार एक बड़ा फैसला ले सकती है जिसका रिजल्ट अगली जनगणना में आपको देखने को मिलेगा. जानकारी के मुताबिक इस फैसले के जरिए मोदी सरकार 2019 में होने वाले चुनाव में ओबीसी वोटर को अपनी ओर आकर्षित करने का प्रयास कर रही है. न्यूज के अनुसार मिली जानकारी के मुताबिक मोदी सरकार ने जनगणना के आंकड़ों को पूरी तरीके से जारी करने का समय 5 साल पहले से घटाकर 3 साल कर दिया है. इससे पहले कभी भी जनगणना मैं OBC डाटा इकट्ठा नहीं हुआ था.
लालू प्रसाद यादव से लेकर तमाम ओबीसी नेता इसकी मांग काफी लंबे समय से कर रहे थे जिसे मोदी सरकार ने उसे पूरा करने का सोचा है. संसद में थोड़े अंतराल पर ऐसी मांगे होती रहती है,उसके अनुसार 3 साल में ही पूरा डाटा सामने आ सकता है. यही नहीं सरकार ने 2021 की जनगणना में घरों की जियो टैगिंग का भी प्रस्ताव रखा है.
संसद की मीटिंग में मौजूद थे यह लोग-
गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को सेंसस कमिश्नर और ऑफिस ऑफ रजिस्ट्रार जनरल के काम की भी समीक्षा करते हुए उन्हें बधाई दी. इस दौरान केंद्रीय गृह राज्यमंत्री किरेन रिजिजू भी मौजूद थे. और होम सेक्रेटरी राजीव गाबा और मंत्रालय के अन्य सीनियर अधिकारी भी इस दौरान संसद में मौजूद थे.
और इसी दौरान SC ST एक्ट के प्रति बढ़ते विरोध के कारण राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष डॉक्टर रामशंकर कठेरिया ने भी कहा है,कि इस एक्ट में कोई बदलाव नहीं किया गया है,और ना ही होगा. और जो एक्ट पूर्व में था वह तो उसी स्थिति में लागू किया गया है.इसी बीच विरोधी पार्टी इस मौके का फायदा उठाकर दुष्प्रचार कर संपूर्ण वर्ग को गुमराह कर रही है.

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